पैतृक संपत्ति के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर का आरोप
Fake Mutation Case | सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक संपत्ति से जुड़े कथित फर्जी नामांतरण और दस्तावेजों में हेरफेर का मामला सामने आया है। गोपालगंज थाना पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

रिश्तेदारों पर लगाया गया फर्जीवाड़े का आरोप | Fake Mutation Case
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बैतूल निवासी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बसंत कुमार श्रीवास्तव ने गोपालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी पैतृक भूमि से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और गलत प्रक्रिया के माध्यम से नामांतरण कराया गया। इस मामले में अभिसार श्रीवास्तव और कपिल श्रीवास्तव को आरोपी बनाया गया है।
तहसील रिकॉर्ड और दस्तावेजों की हुई जांच
शिकायत की जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए और तहसील कार्यालय से जमीन से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड तथा नामांतरण प्रक्रिया की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि कथित रूप से शपथ पत्र, दस्तावेजों और हस्ताक्षरों के आधार पर भूमि के फौती नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने इस पूरी प्रक्रिया को नियम विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई है।
पुराने दस्तावेजों के आधार पर उठाए सवाल | Fake Mutation Case
डॉ. श्रीवास्तव ने अपने आवेदन में बताया कि गोपालगंज क्षेत्र स्थित भूमि से संबंधित पुराने दस्तावेजों में उनके पिता स्वर्गीय डॉ. शिवप्रसाद श्रीवास्तव द्वारा संपत्ति उनके नाम किए जाने का उल्लेख मौजूद है। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव कराने का प्रयास किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंच सकता था।
धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (दस्तावेजों की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार करना), 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस जांच जारी, आगे की कार्रवाई होगी | Fake Mutation Case
गोपालगंज थाना पुलिस का कहना है कि मामले में दस्तावेजों की सत्यता, जमीन के स्वामित्व रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
