केमिकल अटैक से बचाव में कारगर होगी स्वदेशी तकनीक
New Protective Cover – अब दुश्मनों के रासायनिक हमलों का भारतीय सेना पर कोई असर नहीं होगा! मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित रक्षा अनुसंधान एवं स्थापना इकाई (DRDE) ने “ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म (ACADA)” विकसित किया है, जो संभावित केमिकल अटैक को पहले ही भांप लेगा और सेना को सतर्क कर देगा।

भारतीय थल सेना और वायुसेना ने ₹81 करोड़ की लागत से 223 यूनिट्स का ऑर्डर दिया है, जिससे देश की रक्षा प्रणाली और अधिक सशक्त होगी। Also Read – MP Shramik : होली से पहले मध्य प्रदेश के 21 लाख श्रमिकों के लिए खुशखबरी
भारत में पहली बार तैयार हुआ स्वदेशी केमिकल डिटेक्टर | New Protective Cover
अब तक भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां रासायनिक हमलों से बचाव के लिए ये उपकरण विदेशी कंपनियों से खरीदती थीं, जिससे रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा खर्च होता था। लेकिन अब, DRDE ग्वालियर द्वारा विकसित यह डिटेक्टर 80% से अधिक स्वदेशी तकनीक से बना है और देश की दीर्घकालिक सुरक्षा जरूरतों को पूरा करेगा।
कैसे काम करता है यह डिटेक्टर?
यह डिटेक्टर आयन मोबिलिटी स्पेक्ट्रोमेट्री तकनीक पर आधारित है।हवा से रासायनिक युद्धक अभिकारकों, विषैली गैसों और औद्योगिक रसायनों का तुरंत पता लगाता है।बैटरी-चालित और वाहन पर फिट किया जा सकने वाला उपकरण है, जिससे इसे किसी भी स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकता है।यह रिमोट अलार्म यूनिट से जुड़ा होता है, जो केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को खतरे की सूचना भेजता है।
पहली बार महाकुंभ में हुआ था सफल परीक्षण | New Protective Cover
रासायनिक हमलों के प्रति सेना की सतर्कता बढ़ाने के लिए इस डिटेक्टर का पहला उपयोग महाकुंभ मेले में किया गया था। इस दौरान यह बेहद प्रभावी साबित हुआ और अब इसे सेना की सुरक्षा प्रणाली में शामिल कर लिया गया है।
भारत बना इस तकनीक में चौथा देश
ग्वालियर स्थित DRDE के निदेशक के अनुसार, इस तकनीक को विकसित करने में कई वर्षों का शोध लगा और इसके साथ भारत अब दुनिया का चौथा देश बन गया है, जिसके पास यह आधुनिक रासायनिक पहचान प्रौद्योगिकी उपलब्ध है।इसका निर्माण L&T की बेंगलुरु यूनिट में किया जा रहा है, जो इसे जल्द ही भारतीय सेना को सौंपेगी।
भारत में विकसित यह ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्टर और अलार्म (ACADA) अब भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के लिए एक सशक्त रक्षा उपकरण साबित होगा। इससे देश की स्वतंत्र सुरक्षा प्रणाली और मजबूत होगी और रक्षा बजट की बचत भी होगी।Also Read – Liquor Contract System : शराब ठेका प्रणाली में बड़ा बदलाव, तीन समूहों को मिले नए ठेके